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20 साल बाद आज सोमवती अमावस्या पर शुभ संयोग,,पांच ग्रह होंगे अपने राशि मे

नरकटियागंज से अमित कुमार वर्णवाल की रिपोर्ट

सावन के महीने में हर साल शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालते थे। पर इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण कांवड़ यात्रा का उत्साह ठंडा पड़ चुका है। सावन के दौरान मंदिरों में सरकारी गाइडलाइन्स के अनुसार सभी मुख्य मन्दिरो पर पूजा अर्चना के लिये रोक लगा दि गयी है।वही ग्रमीण क्षेत्रो मे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही बाबा भोले भंडारी का जलाभिषेक करते देखा जा रहा है। इस बार न तो मंदिरों में भक्तों की ज्यादा भीड़ देखी जा रही है और न ही शोभायात्राएं निकल रही है। कोरोना ने महादेव के भक्तो की भक्ति के बिच दिवार खड़ा कर दिया है हालांकि, देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना आप घर में भी कर सकते हैं। आज सावन की तीसरी सोमवारि है
इस बार सावन के तीसरे सोमवारी 20 जुलाई को है जिसमें बहुत ही शुभ संयोग बन रहा हैं इस सोमवती अमावस्या पर महादेव के साथ देवी पार्वती पुत्र गणेश जी एवं कार्तिकेय स्वामी और नंदी महाराज की विशेष पूजा अर्चना की जाती है, सास्त्रो के ज्ञाता अयोध्या की नगरी निवास करने वाले आचार्य संतोष तिवारी ने हमारे संवाददाता से फोन पर बात करते हुये बताया की आज के दिन ओम उमा महेश्वराय नमः मंत्र का जाप करें साथ ही महिलाए माता को सुहाग के समान पूजा अर्चना करते हुए चढ़ाएं तथा महादेव के शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ावे, आचार्य जी ने बताया की आम्वस्या की यह शुभ तिथी का आरम्भ 20 जुलाई रात्रि 00 बजकर 10 मिनट पर आरम्भ होकर 20 जुलाई की रात्रि 23 बजकर 04 मिनट तक रहेगा तत्पश्चात प्रतिप्र्दा आरम्भ होगा आज के दिन चंद्र, बुध, शुक्र, गुरु, शनि,कुल 5 ग्रह स्वयं अपनी राशि में रहेंगे जो कि 20 साल बाद यह अति शुभ संजोग बन रहा है इससे पहले यह शुभ संजोग 31 जुलाई 2000 में बना था, इस सोमवती अमावस्या पर महादेव का पूजन काफी फलदाई होगा महिलाओं को तुलसी और पीपल के वृक्ष को 108 बार परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटकर साथ ही दूध, जल, अक्षत, पुष्प से वृक्ष की परिक्रमा करते हुए पूजन करें विशेषकर विवाहित महिलाओं को अपने पति की उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना के लिए व्रत करें इस दिन मौन व्रत रखने से सहस्त्र गोदान का फल प्राप्त होता है वहीं कुवारि कन्याओ को माता पार्वती की पूजन करने से मनचाहा वर प्राप्त होता है इस दिन में किए जाने वाले दान काफी पुण्य और फलदाई होता है इस दिन को हरियाली अमावस्या भी कहते हैं जिसे आज के दिन किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थानों पर फलदार पेड़ लगाने से सुख शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है#news 9times

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